Bal Bhawan, Near Karan Stadium, Nyaypuri, Karnal
balbhawanknl@gmail.com

Blog Detail

हिंदी महोत्सव - मेरी प्रिय पुस्तक

मेरे प्रिय शिक्षक व शिक्षिकाओं को मेरा प्रणाम !! मैं आज आपको अपनी तो यह पुस्तक के विषय में बताने जा रहा हूं मेरी प्रिय पुस्तक का नाम है - 🌈अग्नि की उड़ान -ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की आत्मकथा। इस पुस्तक के सह- लेखक अरुण तिवारी हैं। इस पुस्तक में ए.पी.जे अब्दुल कलाम जी ने अपने बचपन से लेकर अपने जीवन की हर प्रेरणार्थक को रोचक बात को शामिल किया है ।मैं आपको बता दूं कि एपीजे अब्दुल कलाम जी का जन्म 1931 में हुआ था और उनकी मृत्यु शिलांग में एक संस्था में भाषण देते वक्त दिल का दौरा पड़ने के कारण 15 जुलाई 2015 को हुई अब मैं आपको उनकी पुस्तक के कुछ अंश बताना चाहूंगा। अपने बचपन की यादों को ताजा करते हुए अब्दुल कलाम जी लिखते हैं कि उनका जन्म रामेश्वरम नामक स्थान पर हुआ था और वह वहीं के प्राइमरी स्कूल में पढ़े उनके बचपन में तीन सबसे अच्छे मित्र थे जिनके नाम इस प्रकार हैं - 🌈रामानाधा शास्त्री 🌈अरविंदन 🌈शिवा प्रकाशन उनके तीनों मित्र ब्राह्मण परिवार से थे जबकि ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी मुस्लिम परिवार से थे एपीजे अब्दुल कलाम जी सर पर टोपी पहनते थे जबकि उनके तीनों मित्र हाथ पर पवित्र धागा बांधा करते थे ।एक बार की बात है कि उनके कक्षा में एक विज्ञान के नए शिक्षक आते हैं उनका नाम सुब्रमण्यम अय्यर था और जब वे देखते हैं कि ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले बच्चे मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने वाले बच्चे के साथ बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं तो उन्हें यह बात अच्छी नहीं लगी और उन्होंने ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जाने के लिए का धर्म के ऊपर देख कर अच्छा नहीं लगा और उन्होंने और उनके घर जाकर अपने माता-पिता को इस बारे में बताने का निश्चय किया। अपने माता-पिता को इस बारे में बताया तो उनके माता-पिता ने कहा कि जब आप एक शिक्षक होकर धर्म के ऊपर भेदभाव करेंगे तो बच्चे क्या सीखेंगे। यह सब सुनकर शिक्षक को अपनी गलती का एहसास होता है और वह भविष्य में ऐसा कुछ ना करने का प्रण लेते हैं और आगे से समाज में धर्म के ऊपर होने वाले भेदभाव को खत्म करने में अग्रसर रहे। ऐसी अनेकों प्रेरणार्थक और समाज में कुरीतियों को समाप्त करने वाली अनेकों बातें उन्होंने अपनी आत्मकथा में शामिल की हैं ।इसके साथ-साथ उन्होंने कुछ रोचक बातें भी शामिल कि है। एपीजे अब्दुल कलाम जी को मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता था और वह भारत के पूर्व राष्ट्रपति भी रह चुके थे और मुझे इस बात का खेद है कि इतने अच्छे स्वभाव वाले व्यक्ति आज हमारे बीच मौजूद नहीं हैं और मैं आपसे नम्र निवेदन करूंगा कि आप इस पुस्तक को एक बार अवश्य पढ़ें। आशा है कि आपको मेरा लेख पसंद आएगा धन्यवाद !! आपका दिन शुभ हो !!!